जामुड़िया की लाइफ लाइन कहे जाने वाली सिंघारन नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए बैठक का आयोजन

सत्यनारायण सिंह: जामुड़िया:- जामुड़िया की लाइफ लाइन कहे जाने वाली सिंघारन नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए रविवार को बेलबाद सिंघारन काली मंदिर के पास सिंघारन नदी बचाओ कमिटी की बैठक का आयोजन किया गया।बैठक के दौरान सर्व भारतीय नदी बचाओ जीवन बचाओ कमिटी,सिंघारन नदी बचाओ कमिटी,सिउड़ी कुशकोरनी नदी बचाओ कमिटी सहित आदिवासी समाज के पदाधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद थे।बैठक के विषय में जानकारी देते हुए सिंघारन नदी बचाओ कमिटी के संयोजक अजीत कोड़ा ने कहा कि जामुड़िया की लाइफ लाइन कहे जाने वाली एक मात्र नदी सिंघारन नदी वर्तमान समय में विभिन्न कल कारखानों के दोहन के कारण अपना आस्तित्व खोने के कगार पर पहुंच चुकी है।उन्होंने कहा कि जामुड़िया के विभिन्न ग्राम होते हुए अंडाल के श्रीरामपुर के पास सिंघारन नदी दामोदर नदी से जाकर मिलती है।वही सिंघारन नदी के पानी पर दर्जनों गांव के लोग निर्भरशील है लेकिन नदी का पानी दूषित हो जाने के कारण ग्रामीण नदी का पानी उपयोग करने में अशक्षम है जिसके कारण ग्रामीणों को भारी जलसंकट का सामना करना पड़ता है।उन्होंने बताया कि सिंघारन नदी का दूषित पानी अंडाल के श्रीरामपुर में दामोदर नदी से मिलती है जिस कारण दामोदर नदी भी दूषित हो रही है।उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि सिंघारन नदी को बचाने के लिए आगामी 17 एव 18 जनवरी को जामुड़िया के इकड़ा से पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा जो काजोडा होते हुए अंडाल के श्रीरामपुर में जाकर समाप्त होगी।उन्होंने कहा कि पदयात्रा के आयोजन को लेकर 15 सदस्यीय एक कमिटी का गठन किया गया है जिसका अधक्ष्य दीपक दास तथा सचिव विकास बाउरी को मनोनीत किया गया है।बैठक के दौरान सर्व भारतीय नदी बचाओ जीवन बचाओ कमिटी के संयोजक तापस दास,डॉक्टर रतना पाल,मृणाल राय,सिउड़ी कुशकोरनी नदी बचाओ कमिटी के सौगात राय,सिंघारन नदी बचाओ कमिटी के संयोजक अजीत कोड़ा,आदिवासी समाज के मानिक हेमब्रम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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